रोको मत , मुझे आने दो
तुम अकेले नहीं हो इस सफ़र में
पीछे मुड के सुनना
मेरे कदमो की आहट भी होगी
तुम चलो रुको मत
मुझे भी तो आने दो
तुम जब थक जाओगे , निढाल हो जाओगे
तब मेरे कदम तुम्हारे साथ होंगे
कोई रहमो करम न सही
मुझे मेरा कर्म निभाने दो
तुम नदी से अविरल हो
मगर कभी सूखे तो
मुझे उसमे मिल जाने दो
रोको मत , मुझे आने दो
कुछ आएंगी सुनी राहें
घोर अँधेरी संकरी राहें
मुझको दीपक बन जाने दो
रोको मत , मुझे आने दो
मोड़ कई आएंगे ,तुमको शायद भरमाएंगे
मुझको सूचक बन जाने दो
रोको मत , मुझे आने दो
-----निशान्त यादव

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