मेरे एहसासों का पन्ना -निशान्त यादव
मन की बात को यहाँ जिल्द करता हूँ
Tuesday, 13 June 2017
ख़ामख़ा कोई यूँ ही नहीं मिलता है
ख़ामख़ा कोई यूँ ही नहीं मिलता है
जिंदगी का सफर यूँ तन्हा नही कटता है
मैं तमाम किस्से कैद किये बैठा हूँ
ये स्याह रातें एक पल में नही कटती
तुम बेहतर हो जमाने से बेफिक्र
मैं ही तमाम फ़िक्र लिए बैठा हूँ
-निशान्त
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